पत्रकारिता के विद्यार्थी अक्सर पढ़ते हैं कि समाचार क्या होता है। उन्हें सिखाया जाता है कि जिसे कोई छिपाना चाहता है, वही समाचार है, बाकी सब विज्ञापन है । लेकिन प्रेम के क्षेत्र में कुछ पुरुषों ने इस सिद्धांत को उल्टा कर दिया है। यहां जो बात दो लोगों के बीच छिपी रहनी चाहिए, वही सबसे पहले समाचार बना दी जाती है। जो स्मृतियां निजी होनी चाहिए, वे ब्रेकिंग न्यूज़ बन जाती हैं। जो संवाद सिर्फ दो दिलों के बीच होने चाहिए, वे सार्वजनिक विमर्श का हिस्सा बना दिए जाते हैं। और फिर वही लोग शिकायत करते हैं कि लड़कियां प्रेम से डरती हैं। लड़कियां प्रेम से नहीं डरतीं। वे इस बात से डरती हैं कि कहीं उनका प्रेमी भविष्य में एक चलता-फिरता मीडिया हाउस न निकल जाए। प्रेम के समय वह व्यक्ति प्रेमी होता है, लेकिन ब्रेकअप के बाद अचानक संपादक, रिपोर्टर, पीआर एजेंट, कंटेंट क्रिएटर, डिजिटल मार्केटर और सोशल मीडिया मैनेजर सब कुछ बन जाता है। उसके पास पुरानी तस्वीरों का आर्काइव होता है, चैट्स का डेटाबेस होता है, निजी बातों की रिकॉर्डिंग होती है और सबसे खतरनाक चीज़ होती है...घायल अहंकार। मीडिया की भाषा में कहें तो उसके पास क...
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