Image Source: Google आधी रात का समय था। श्मशान के सन्नाटे में राजा विक्रमादित्य एक बार फिर बेताल को अपने कंधे पर लादकर चल पड़े। रास्ते में बेताल ने अपने चिरपरिचित अंदाज में हँसा और बोला, राजन! आज मैं आपको ऐसी पॉलिटिकल पार्टी की कहानी सुनाता हूँ, जिसके पास इतिहास तो है, लेकिन भविष्य को लेकर सवाल हैं, जिसके पास नेतृत्व तो है, लेकिन नेतृत्व की दिशा पर बहस है और जिसके पास विचारधारा तो इतनी है कि कभी-कभी विचार ही एक-दूसरे से पूछने लगते हैं...भाई, आखिर हम जा कहाँ रहे हैं?” विक्रम ने गंभीर होकर कहा, "बेताल! पहेलियाँ बुझाने के बजाय सीधे कहानी बताओ।" बेताल बोला, “अच्छा, तो सुनो राजन! यह कहानी है उस पार्टी की, जो देश की सबसे बड़ी-बूढ़ी है, जिसने कभी स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत सँभाली, देश पर लंबे समय तक शासन किया और अपने आपको भारत की राजनीति का स्वाभाविक केंद्र समझता रहा। लेकिन समय बदला, मतदाता बदले, राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलीं और उसके सामने सबसे बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया...विरासत के सहारे कब तक भविष्य की राजनीति की जा सकती है?” विक्रम बोले, “तुम कांग्रेस की बात कर रहे हो?” बेताल ने मु...
UP विधानसभा चुनाव 2027: कुर्मी समाज की सियासत, सत्ता की आस, 2027 में किसके साथ आएगा वोटबैंक का विश्वास?
Image Source: Google राजनीतिक विश्लेषण UP की राजनीति में चुनाव अभी दूर हो सकते हैं, लेकिन चुनावी गणित की कक्षाएँ शुरू हो चुकी हैं। कहीं जातीय समीकरणों की नई कॉपियाँ खोली जा रही हैं, कहीं पुराने वोटबैंक का हिसाब लगाया जा रहा है और कहीं संभावित सहयोगियों की तलाश में राजनीतिक दूरबीनें लगाई जा रही हैं। इस पूरे परिदृश्य में कुर्मी समुदाय एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से लेकर समाजवादी पार्टी (SP)और कांग्रेस तक, सभी दल इस समुदाय की राजनीतिक भूमिका को गंभीरता से देख रहे हैं। अपना दल के दोनों धड़े भी अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता मजबूत करने की कोशिश में हैं। उत्तर प्रदेश में चुनावी राजनीति का एक दिलचस्प नियम है...चुनाव से पहले हर समुदाय महत्वपूर्ण हो जाता है और चुनाव के बाद हर दल विकास की बात करने लगता है। चुनावी मंचों पर सामाजिक प्रतिनिधित्व की चर्चा होती है, बैठकों में सीटों का हिसाब निकलता है और रणनीतिकारों की मेज पर मतदाताओं को प्रतिशत में बाँटकर देखा जाता है। मानो लोकतंत्र कोई ऐसी गणित की परीक्षा हो, जिसमें सही जातीय समीकरण बैठा देने पर सत्ता की पूरी उत्तरपुस...