सूरज करता नहीं दोस्ती
न तारों से न अंधियारों से
मेल नहीं होता जल का
शोलों से न अंगारों से
हाथ मिलाते नहीं शेर
जीवन में कभी श्यारों से
राष्ट्र भक्त समझौता करते नहीं कभी गद्दारों से
समझौतों की मेजों पर हरगिज उपचार नहीं होगा
आत्म समर्पण करने गद्दारों का संहार नहीं होगा
इन्हें जड़ से खत्म करने का संकल्प तो अब लेना होगा
ऋषियों की भूमि पर यहां अंतिम विजय सत्य की है
विधना का ऐसा है विधान
इसलिए आतंकियों पर झकझोर के वार करो बलवान

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